About college

कविन्द्र नारायण लॉ कॉलेज, सुरही, बलिया, उत्तर प्रदेश में स्थित एक प्रतिष्ठित विधि शिक्षण संस्थान है। यह महाविद्यालय क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्ता की विधि शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। कॉलेज का मुख्य लक्ष्य ऐसे जागरूक, सक्षम एवं नैतिक मूल्यों से युक्त विधि स्नातक तैयार करना है, जो न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।

कविन्द्र नारायण लॉ कॉलेज जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय, बलिया से सम्बद्ध है। महाविद्यालय में संचालित स्नातक विधि (एल.एल.बी.) पाठ्यक्रम छात्रों को कानून की सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करता है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में विधिक समझ, तर्कशक्ति, विश्लेषण क्षमता एवं न्यायिक दृष्टिकोण का विकास किया जाता है।

महाविद्यालय में योग्य, अनुभवी एवं समर्पित शिक्षकों द्वारा अध्यापन कार्य किया जाता है, जो छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देते हैं। अध्ययन के लिए शांत एवं अनुशासित वातावरण, पुस्तकालय सुविधा तथा शैक्षणिक गतिविधियों का समुचित प्रबंध उपलब्ध है, जिससे विद्यार्थी अपने लक्ष्य की ओर निरंतर अग्रसर हो सकें।

उद्देश्य

महाविद्यालय की स्थापना का मूल उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के छात्रों को उच्च शिक्षा के माध्यम से सशक्त बनाना है। यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और उत्कृष्टता को बढ़ावा देता है, ताकि छात्र न केवल ज्ञान अर्जित करें, बल्कि समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। हमारा लक्ष्य छात्रों के बौद्धिक, मानसिक और शारीरिक विकास को सुनिश्चित करना है, जिससे वे अपने करियर और जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें।

मिशन

इस कॉलेज का मिशन छात्रों को विविध संस्कृतियों वाले देश में ज्ञानवान, योगदान देने वाले नागरिक बनने के लिए तैयार करना है। इस शैक्षिक समूह के मिशन के लिए महत्वपूर्ण है शिक्षण और सीखने, शोध और रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से नए ज्ञान की खोज करना। इस समूह की भूमिका प्राप्त सीखने और समझ को पोषित करना और बनाए रखना है।

Immediate Goals

  • Designing of curriculum for UG Courses. As per University norms
  • Publication of calendar of events and conduct of classes, examinations   and all other activities strictly as per the calendar.
  • Review of academic programmes from time to time.
  • Starting and conducting new academic programmes in thrust areas.